विलय के बारे में - सामान्य प्रश्न

होम लोन अब सभी के लिए है

डीएचएफ़एल वैश्य हाउसिंग फ़ायनान्स एवं आधार हाउसिंग फ़ायनान्स, डब्लूजीसी (वाधवान ग्लोबल कैपिटल) की सहायक कंपनियां हैं। आधार और डीएचएफ़एल वैश्य, दोनों ही एलआईजी (निम्न आय वर्गो) को, किंतु परस्पर अलग-अलग स्थानों में हाउसिंग लोन प्रदान करते हैं। जहाँ आधार उत्तरी, पश्चिम और पूर्वी भारत में एक सुस्थापित वित्तीय सेवा ब्रांड है, वहीं डीएचएफ़एल वैश्य दक्षिण भारत में मजबूत आधार रखता है। इसके विलय के परिणामस्वरूप एक अखिल भारतीय उपस्थिति के साथ मजबूत ब्रांड का निर्माण होगा। नई इकाई अपने ग्राहकों के लिए बेहतर उत्पाद एवं सेवाओं का निर्माण करने में सक्षम होगी। इसके परिणाम - अर्थव्यवस्थाओं में वृद्धि, समान अधिग्रहण संरचना, सामान्य नीतियां, मजबूत व्यापार वृद्धि एवं लागत में कमी के रूप में परिलक्षित होंगे।

विलय के बाद बनी नई कंपनी को आधार हाउसिंग फ़ायनान्स लिमिटेड (आधार) कहा जाता है। इसके अधिकांश शेयर डीएचएफ़एल (दीवान हाउसिंग फ़ायनान्स लिमिटेड) और आईएफ़सी (अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम) की इक्विटी भागीदारी के साथ डब्ल्यूजीसी (वाधवान ग्लोबल कैपिटल) के पास हैं।

विलय के बाद, आधार अब 6,000 करोड़ रुपये की लोन बुक (30 सितंबर 2017 की स्थिति के अनुसार) के साथ 275 शाखाओं के माध्यम से 19 राज्यों में फैला हुआ है।

नहीं। आधार उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड राज्यों में कार्यरत है। दूसरी ओर, डीएचएफ़एल वैश्य आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना राज्यों में मौजूद है।

विलय के उद्देश्यों में से एक संयुक्त संस्थाओं की अखिल भारतीय उपस्थिति का लाभ उठाना है। इसलिए, विलय प्रक्रिया के कारण कोई शाखा या स्थान बंद नहीं होंगे। वास्तव में, हम अपनी उपस्थिति को और अधिक बढ़ाने और मजबूत करने के लिए नई शाखाएं खोल सकते हैं।

विलय के पश्चात बनी इकाई, आधार के लिए संभावनाएं और बेहतर होंगी तथा इसकी बैलेंस शीट अधिक मजबूत होगी। FY18 में, विलय के पश्चात बनी इकाई का लक्ष्य अपनी लोन बुक को 8,000 करोड़ रुपये तक पहुँचाना, अर्थात अपनी मौजूदा लोन एसेट बुक में 55% से अधिक की वृद्धि दर्ज करना है। अगले 5 वर्षों में आधार के 405 सीएजीआर की दर से बढ़ने की उम्मीद है।

आधार हाउसिंग फ़ायनान्स लिमिटेड पहले से ही देश के 13 राज्यों में एक सुस्थापित ब्रांड है। दूसरी ओर, डीएचएफ़एल वैश्य हाउसिंग फ़ायनान्स लिमिटेड, भारत के दक्षिणी राज्यों में एक विशेष समुदाय (वैश्य) के साथ बहुत मज़बूती से जुड़ा हुआ है। इसलिए कंपनी का नाम बदलते समय एक ऐसा नाम रखने के बारे में विचार किया गया था, जिसे एलआईजी वर्ग के सभी स्तर के ग्राहक पहचान सकें। आधार के एलआईजी वर्ग में पहले से ही सुप्रसिद्ध नाम होने की वजह से, ग्राहक वर्ग के लिए महत्वपूर्ण प्रस्ताव व्यक्त करने के लिए कम प्रयास की आवश्यकता होगी।

हमारी मूल कंपनी के नाम से उत्पन्न होने वाले भ्रम एवं नकल से बचने के लिए (डीएचएफ़एल एवं डीएचएफ़एल वैश्य), हमने एक नए लोगो के साथ आधार का नाम बनाए रखने का फैसला किया। चूंकि, आधार एवं डीएचएफ़एल वैश्य की ग्राहक प्रोफ़ाइल समान है, इसलिए, एक ही नाम रखने से एक मजबूत अखिल भारतीय हाउसिंग फ़ायनान्स ब्रांड की स्थापना करने में मदद मिलेगी।

कंपनी को पूर्णतया नया नाम बनाने से ब्रांडिंग एवं समय और संसाधनों के निवेश पर अतिरिक्त खर्च होता। इसके अलावा, हम पर हमारे मौजूदा एवं भावी हितधारक आधार के बीच एक नई इकाई का प्रचार-प्रसार करने की अतिरिक्त ज़िम्मेदारी होती। एक नई ऊर्जा युक्त लोगो के साथ नई इकाई का नाम ‘आधार हाउसिंग फ़ायनान्स लिमिटेड‘ रखना रणनीतिक अर्थों से सही प्रतीत हुआ।

विलय हमारे मौजूदा ग्राहकों को प्रभावित नहीं करेगा। हमारी सभी सेवाएं एवं सुविधाएं पहले जैसी ही रहेंगी।

संगठन का नया नाम यानी आधार हाउसिंग फ़ायनान्स लिमिटेड सभी जगहों पर प्रदर्शित किया जाएगा। आधार के ग्राहकों के लिए, वे दृश्य पहचान में बदलाव देखेंगे। डीएचएफ़एल वैश्य के ग्राहकों के लिए, वे नया नाम और लोगो देखेंगे।

इसके अलावा, हमारे ग्राहकों के साथ किए जाने वाले व्यवहार में बहुत अधिक बदलाव नहीं होंगे। ग्राहक अभी भी उसी तरह हमसे संपर्क कर सकते हैं, और वही सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं, जो आप अभी करते हैं। हमारी शाखाएं वही हैं। इसलिए, आप उन्हीं केंद्रों से पहले की तरह ही हमारी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

कुछ समय बाद, हमने ऐसे तकनीकी नवाचार पेश करने की योजना बनाई है, जो सुविधाओं को हमारे ग्राहकों के लिए आसान एवं सक्षम बनाएंगे। हालांकि, आपके लिए हमारे शाखा कर्मियों तक पहुंचने और उनके साथ हमारी संबंधित शाखाओं में व्यक्तिगत रूप से व्यवहार करने की सुविधा हमेशा मौजूद होगी।

आधार और डीएचएफ़एल वैश्य दोनों का व्यापार मॉडल एक समान - निम्न-मध्य एवं निम्न आय वर्गों की होम फ़ायनान्सिंग आवश्यकताओं के लिए सेवा प्रदान करना है। इसलिए, व्यापार रणनीति में कोई खास बदलाव नहीं होगा; व्यापार पहले की तरह होगा।

सेवाओं के संदर्भ में, होम लोन फ़ायनान्सिंग के अतिरिक्त, नई इकाई मॉर्गेज लोन जैसी सेवाएं प्रदान करेगी और आम जनता से जमा स्वीकार करेगी। नेतृत्व टीम नए संगठन में ग्राहक योजनाओं के पुनर्गठन पर काम कर रही है। इन्हें हमारे ग्राहकों की आवश्यकताओं एवं आकांक्षाओं के अनुरूप बनाया जाएगा। उस समय के दौरान, हमारी शाखाएं हाउसिंग फ़ायनान्स एवं संपत्ति के एवज़ में लोन के संबंध में दूर दराज के ग्राहकों की आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए कई नये सुदूर स्थानों तक पहुंच जाएंगी।

डब्लूजीसी ग्रुप होल्डिंग कंपनी है, जिसमें डीएचएफ़एल वैश्य और आधार शामिल हैं। श्री कपिल वाधवान दोनों संस्थाओं के निदेशक के रूप में कार्य करते हैं। इसलिए, प्रबंधन स्तर में कोई बदलाव नहीं हुआ है। आईएफ़सी के पास आधार के लगभग 18% शेयर हैं एवं आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड के पास 2.19% शेयर हैं।

आधार के सीईओ, श्री देव शंकर त्रिपाठी विलय के पश्चात बनी इकाई आधार के सीईओ के पद पर बने रहेंगे। उन्हें दोनों संस्थाओं में संयुक्त नेतृत्व टीमों का समर्थन प्राप्त है। नई कंपनी का मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र में तथा पंजीकृत कार्यालय बंगलुरु, कर्नाटक में स्थित है।

विलय के परिणामस्वरूप शाखा संचालन स्तर पर कोई बदलाव नहीं होगा और टीम वैसी ही बनी रहेगी। हमारे कर्मचारी अपने परिचालन क्षेत्रों एवं ग्राहक आधार को बरकरार रखेंगे। आपको हमारी शाखाओं में परिचित कर्मचारियों के साथ डील करने की सुविधा मिलती रहेगी। हालांकि, तकनीकी हस्तक्षेप के माध्यम से दक्षता को बेहतर बनाने एवं बेहतरीन ग्राहक सेवा प्रदान करने के प्रयोजन से, परिचालनों में परिवर्तन होता ही रहता है।

सभी नियामक एवं कानूनी अनुमोदन लागू हैं। परिचालन एकीकरण से जुड़े कर्मचारियों, प्रौद्योगिकी, नीतियों एवं प्रक्रियाओं संबंधी कार्य प्रगति पर है। नई व्यवस्था प्रभावी रूप से _____, 2017 को लागू हुई है।

नहीं। आपके खाता नंबर में कोई बदलाव नहीं होगा। यदि भविष्य में परिवर्तन आवश्यक हुए, तो हम आपको पहले से सूचित करेंगे और प्रक्रिया के माध्यम से आपकी सहायता करेंगे।

नहीं। हम तुरंत सीआरएन नहीं बदलेंगे। कृपया आगे की सूचना आने तक हमारी टीम के साथ सभी व्यवहारों के लिए आप अपने मौजूदा सीआरएन नंबर का उपयोग करना जारी रखें।

हमारे विलय के बाद किसी भी शाखा को बंद करने की योजना नहीं है। इसलिए, आप उसी शाखा के साथ संचार करने और उसी टीम के सदस्यों से बातचीत करने में सक्षम होंगे।

नहीं। आपके लोन की शर्तें पूर्ववत रहेंगी।

हम अपने मौजूदा एवं संभावित ग्राहकों के लिए नई खाता सुविधाएँ तैयार कर रहे हैं। इनमें ऑनलाइन खाता प्रबंधन एवं मोबाइल ऐप्स जैसे घटक शामिल हैं। यद्यपि, हम अभी इन अतिरिक्त सुविधाओं को तैयार करने की प्रक्रिया में हैं। आपके शाखा प्रतिनिधि, कुछ महीनों में इन सेवाओं की पेशकश करने के संबंध में, हमारी तैयारी के बारे में आपको सूचित करेंगे।

नहीं। आपके जमा की खाता संख्या में कोई परिवर्तन नहीं होगा। मौजूदा संख्याएँ नवीनीकरण के समय तक जारी रहेंगी।

मौजूदा जमाओं के लिए ब्याज दर, अवधि की समाप्ति तक या जमाओं की निकासी तक, जो भी पहले हो, जारी रहेगी। ब्याज की नई दरें सभी नए जमाओं पर लागू होंगी। आप शीघ्र ही अपनी निकटतम आधार शाखा से विवरण प्राप्त कर सकेंगे।

आप आधार के व्यापार संचालन शुरू होने तक उसी सीआरएन का उपयोग करके इसकी मियादी जमा सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए कृपया अपने कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजर से संपर्क करें। वह इन सेवाओं के विभिन्न नियमों एवं शर्तों के बारे में आपका मार्गदर्शन करेगा और आपकी मौजूदा शाखा में आपका मियादी जमा खाता शुरू करने में आपकी मदद भी करेगा।

हां, आपको पहले से सहमत अनुसूची के अनुसार आपके बचत खाते में ब्याज राशि मिलती रहेगी। इन शुरुआती महीनों में कुछ खामियाँ हो सकती है, जब हम जानकारी माइग्रेट करेंगे और अपने डेटाबेस को अपडेट करेंगे, तब हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे, कि संक्रमण प्रक्रिया के दौरान हमारे ग्राहकों को न्यूनतम असुविधा हो।

यदि आपको अभी भी कोई समस्या हो तो कृपया अपने शाखा प्रतिनिधियों से संपर्क करें, या 1800 3004 2020 पर हमारे ग्राहक सेवा डेस्क पर कॉल करें। आप customercare@aadharhousing.com पर भी हमें लिख सकते हैं।

वित्त वर्ष 17-18 के लिए टीडीएस प्रमाण पत्र नई इकाई यानी आधार द्वारा जारी किए जाएंगे।

जब हम नई कंपनी में परिचालन शुरू करेंगे, तो आपको नई इकाई के नाम पर लोन की अदायगी करने की आवश्यकता होगी। आपके शाखा प्रतिनिधि आपको पहले ही इसके बारे में सूचित करेंगे, और आपके साथ प्रासंगिक विवरण भी साझा करेंगे।

विलय के बाद और संचालन शुरू होने से पहले, सभी व्यवसाय आधार को स्थानांतरित कर दिए जाएंगे। आपको एक नई इकाई द्वारा लोन के अधिग्रहण का संकेत देने वाला एक हस्तांतरण प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा, साथ ही आपको रिकॉर्ड एवं भविष्य के संदर्भ के प्रयोजनार्थ अपने पुराने दस्तावेज़ रखने की सलाह दी जाएगी।

नहीं, मासिक विवरणों का शेड्यूल वही रहेगा। नई इकाई में परिचालन शुरू करने के बाद, आपको आधार की ओर से खाता विवरण प्राप्त होंगे। ये आपके खाते में उल्लिखित वरीयता के अनुसार ऑनलाइन या प्रिंट प्रारूप में होंगे। आपके विवरणों की दिखावट में परिवर्तन होंगे।

यदि आपको खाता विवरण या खाता अद्यतन से संबंधित किसी भी समस्या का सामना करना पड़ता है, तो आप हमेशा अपने कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजर या ग्राहक सेवा प्रतिनिधियों से संपर्क कर सकते हैं।

ग्राहक गोपनीयता हमारे व्यापार में सर्वोपरि है। हम कठोर नीतियों एवं प्रक्रियाओं के माध्यम से सभी ग्राहक जानकारी की गोपनीयता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

आधार में हमारे परिचालनों के पहलुओं में से एक तकनीकी उन्नयन के माध्यम से सूचना की केंद्रीकृत उपलब्धता है। हम इन उद्देश्यों के लिए डिजिटल सुरक्षागार्ड जैसे एंटीवायरस, एन्क्रिप्शन, एक्सेस कंट्रोल, उपयोगकर्ता प्रबंधन, चेंज कंट्रोल एवं स्टोरेज का उपयोग करेंगे। हमारी सुरक्षा रणनीति को भौतिक सुरक्षा नियंत्रणों द्वारा मजबूत किया जाएगा।

अधिक जानकारी के लिए आप हमारी वेबसाइट www.aadharhousing.com पर जा सकते हैं।

इसके अतिरिक्त, आप 1800 3004 2020 पर ग्राहक सेवा टीम से संपर्क करके उनसे भी पूछ सकते हैं। वैकल्पिक रूप से, आप customercare@aadharhousing.com पर भी लिख सकते हैं। इसके अलावा, आप हमेशा अपने शाखा प्रबंधक / प्रतिनिधियों की आधिकारिक आईडी पर लिखकर, स्थानीय शाखा के नंबर पर कॉल करके, या अपनी नजदीकी शाखा में जाकर और व्यक्तिगत रूप से उनसे बात करके उनसे संपर्क कर सकते हैं।

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